Thu. Oct 28th, 2021

    Risk Control and “Risk Management In Intraday Trading” and stock  Market Investing

    stock market trading

    जोखिम का नियमन और नियंत्रण  Risk Management and Risk Control Risk Management In Intraday Trading-

    Risk Management In Intraday Trading डे ट्रेडिंग का काम नए सिरे से शुरू करनेवाले व्यक्ति के पास उसका कुछ भी अनुभव नहीं होता है । डे ट्रेडिंग कैसे करना चाहिए यह अनुभव से ही सिखा जा सकता है । जिस तरह पानी में गिरे बिना तैरना नहीं सिखा जा सकता ठिक उसी तरह से डे ट्रेडिंग का काम शुरू किए बगैर उसका अनुभव नहीं मिल सकता है । शेअर बाजार में साधारण रूप से ऐसा कहा जाता है कि व्यक्ति अपनी गलतीयों में से ही सिखते है । मगर इस प्रक्रिया में आपको बड़ी रकम गवानी पडती है । शेअर बाजार में ट्रेडिंग करते समय शूरूआत में अपने पैसों का जतन करने का पाठ पहले सिखना पडता है ।

    basically, सभी ट्रेडर्स को उनका अस्तित्व बनाए रखने केलिए जोखिम को नियंत्रण में रखने की कला सिखना जरूरी है । डे ट्रेडिंग करनेवाले शूरूआत में ही बहुत बडी पोजिशन खडी करके जोखिम को नियंत्रण में रखने की बात को ध्यान में न ले तो उन्हे बड़ी रकम का घाटा सहन करते है ऐसा देखा गया है ।

    जोखिम को अंकुश में रखने के लिए और जोखिम को नियंत्रित करने का सिद्धांत ( Principles of Risk Control & Risk Management ) :

    १.    जितना घाटा आप सह सकते है उतनी से ट्रेडिंग कीजिए ( Trade only with Money you can Afford to Lose ) :Risk Management In Intraday Trading

    basically, डे ट्रेडिंग में सबसे बड़ा खतरा अगर कोई है तो वह है पैसा गवाँने का । परंतु इस डर से ही डे ट्रेडर कई बार अपना मुनाफा काटकर घाटे को बढाते है । आपको लगने वाला डर कुछ अंश कम करने केलिए सबसे पहले ऐसा निश्चित कीजिए की जो रकम आप ट्रेडिंग में लगानेवाले है वह सब रकम आप गवाँ सकते है ।

    आप इस प्रकार के डर के बिना ट्रडिग शुरू करोगे तो इस बाजार में सफल होकर अच्छी कमाई करने की आपकी संभावना और भी बढ़ती है ।

     २. जितना छोटा हो उतना ही अच्छा ( Smaller is Better ) :

    basically, भारतीय शेअर बाजार में अनुभव हासिल किए हुए ट्रेडर से कई प्रकार भाषण आपको सुनने को मिलेंगे । कई ट्रेडर्स काफी समय तक बाजार में रहकर बहुत बडी कमाई करने के बाद अचानक सभी गवाँ चुके है ऐसा भी देखने को मिलता है। उसका एक ही कारण है कि कामयाबी के नशे में वह उन पैसों का नियमन करने का बहुत पूराना और अति महत्वपूर्ण नियम का उल्लंघन करते है।

    firstly, डे ट्रेडिंग में आपकी पोजिशन जितनी छोटी हो उतनी ही आसानी से आप उसका नियमन कर सकते है । “ सही पोजिशन और जादा से जादा फायदा \” इनका सिधा संबंध होता है । डे ट्रेडिंग में घाटा अनिवार्य है पर आपको पोजिशन जितनी छोटी होगी उतना आपका घाटा कम होगा । कम प्रमाण में गवाँई गई रकम दुसरे ट्रेडिंग में फिर से पाई जा सकती है और भावनात्मक दृष्टी से वह कम तकलीफ वाली है साबित होती ।

    secondly, जब आप बहुत बडी पोजिशन खडी करते है तब आपका घाटा भी अधिक हो सकता है। इस बडे घाटे से गवाई हुई रकम फिर से पाने केलिए भविष्य में बडी कमाई की आवश्यकता होती है ।

    3.      जोखिम के नियमन केलिए २ % का नियम ( 2 % Rule of Risk Management ) :

    basically, दुनियाभर में जोखिम के नियमन केलिए उपलब्ध नियमों में से २ % का नियम प्रसिद्ध है । इस सिद्धांत के अनुसार हर किसी व्यवहार में निवेश की कुल रकम होकर अच्छी कमाई करने की आपकी संभावना और भी बढ़ती है ।

    आदर्श स्थिति में ब्रोकरेज की किमत और सरकारी करों का भी इसमें समावेश होना चाहिए । परंतु आदर्श परिस्थिति में उन सभी का उसमें समावेश करना मुमकिन नहीं होता ।

    इस तरह से २ % का नियम निवेशकों का घाटा मर्यादित करके उनकी पूँजी का जतन करने केलिए तैयार किया गया है ।

    इस नियम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर निवेशक एक ही दिन में कई ( ४ – ५ बार ) गलतियाँ करे फिर भी वह अपने निवेश का जादातर हिस्सा नहीं गवाँते । इस वजह से उन्हें धक्का नहीं लगता और वह दुसरे दिन फिर से ट्रेडिंग करके अपना घाटा बराबर कर सकते है ।

    4.      मार्जिन ट्रेडिंग करते समय अधिक लिवरेज का लाभ लेना टालिए ( Avoid Excessive Leverage while Margin Trading ) :

    शेअर्स खरीदने की आपकी शक्ति में बढोतरी करने के लिए| मार्जिन का उपयोग करना आजकल डे ट्रेडिंग करने वालो में स्वीकार्य बनी हुई है|  सामान्यरूप से व्यवहार में अमल में लानेवाली कार्यपद्धती है। परंतु इस मार्जिन ट्रेडिंग से संबंधित जोखिम का भी आपको अंदाजा होना चाहिए|

    कामयाब ट्रेडिंग केलिए ( रिस्क – कंट्रोल ) जोखिम को नियंत्रण में रखना बहुत महत्वपूर्ण है । जोखिम पर नियंत्रण न करने से बडे बडे अनुभवी शेअर बाजार में बह गए है| ऐसा दिखाई पडता है|  ट्रेडिंग में अधिक समय तक जमे रहने केलिए जोखिम का नियंत्रण करना आवश्यक है ।

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    By mt10883

    blogger investor

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